परीक्षा समय तक पेपर लेने थाने नहीं पहुंचा, कॉऑर्डिनेटर एपीओ

rajasthan board of secondary education

डूंगरपुर। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षा 8 मार्च से शुरू हो गई। पहले दिन ही धंबोला राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में बड़ी लापरवाही सामने आई। थाने में रखे पेपर लाने के दौरान जिस कोऑर्डिनेटर की ड्यूटी प्रिंसिपल ने लगाई थी, वह थाने पहुंचा ही नहीं (Until the time of examination) थाने में दूसरे शिक्षक भी कोऑर्डिनेटर का इंतजार करते रहे। थाने से इस संबंध में सूचना स्कूल प्रशासन को दी गई और ऐनवक्त दूसरे शिक्षक को भेजा गया, तब जाकर पेपर स्कूल तक पहुंच पाए।
नियमानुसार बोर्ड कक्षाओं के पेपर थाने में रखे जाते हैं, जहां सीलबंद अलमारी होते हैं। अलमारी से पेपर निकालने के लिए सभी सेंटर के कोऑर्डिनेटर रहते हैं। इन सभी की मौजूदगी में ही पेपर निकाले जाते हैं, लेकिन यहां कोऑर्डिनेटर रमेशचंद्र रोत तय समय तक नहीं पहुंचा। दूसरी ओर, इस मामले में बोर्ड के निर्देश पर रोत को तत्काल प्रभाव से एपीओ कर दिया गया है। इस पूरे मामले को लेकर डीईओ कार्यालय से लेकर बोर्ड तक आधे घंटे के लिए हलचल मच गई। आखिर पेपर स्कूल में पहुंचने के बाद सभी ने राहत की सांस ली। अन्यथा आधे घंटे तक तक पेपर ही शुरू नहीं होता।

धंबोला स्कूल में परीक्षा के लिए थाने से लाने थे पेपर, अंतिम समय में दूसरे शिक्षक को भेजकर पेपर मंगाया, स्कूल से थाने की दूरी 5 से 7 मिनट की, फिर भी देरी

दरअसल, मणिलाल पंड्या उच्च माध्यमिक स्कूल धंबोला स्कूल में शिक्षक मुकेश पंड्या को कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया था। लेकिन, एक दिन पहले ही पंड्या के पिता की मौत हो गई थी। आखिर प्रिंसिपल और विभाग ने रमेशचंद्र रोत को नियुक्त किया। स्कूल से थाने की दूरी करीब 5 से 7 मिनट तक की है। फिर भी रोत सुबह समय पर नहीं पहुंचे थे। मामले में थानाधिकारी ने इस संबंध में सूचना डीईओ को दी। डीईओ ने प्रिंसिपल को तत्काल दूसरे शिक्षक की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए।

परीक्षा आयोजन में एक शिक्षक के पितृ शोक होने के कारण व्याख्याता रमेशचंद्र रोत को पेपर कोऑर्डिनेटर के रूप में लगाया था। उन्होंने पहले प्रश्न पत्र में ही लापरवाही बरती है, जिससे उन्हें एपीओ कर डूंगरपुर मुख्यालय पर लगाया है।

– प्रकाश शर्मा, एडीईओ माध्यमिक

छात्रवृत्ति भुगतान में लापरवाह बच्चों को दस्तावेज जमा कराने के निर्देश

डूंगरपुर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से जिले के सभी कॉलेजों में अध्ययनरत बच्चों को पिछले दो वर्ष की छात्रवृत्ति का भुगतान कर दिया गया है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक अशोक शर्मा ने बताया कि वर्ष 2016-17 के पात्र छात्रवृत्ति का भुगतान कर दिया गया। इसमें किसी भी छात्र के दस्तावेज अधूरे होने के कारण छात्रवृत्ति का भुगतान रुका हुआ है। ऑनलाइन रिकॉर्ड में लगभग 98 प्रतिशत बच्चों को भुगतान हो चुका है। वहीं वर्ष 2017-18 के आवेदन प्रक्रिया 15 मार्च तक चल रही है। ऐसे में शैक्षणिक सत्र खत्म होने के बाद छात्रवृत्ति का भुगतान किया जाएगा। कॉलेज के बाहर धरने पर बैठे छात्र नेताओं को प्राचार्य कक्ष में हुई वार्ता में छात्रवृत्ति की वस्तुस्थिति अवगत कराई थी। जिसमें छात्रवृत्ति का भुगतान दस्तावेज अधूरे होने के कारण अटका था। इसके बाद संबंधित बच्चों के दर्ज मोबाइल नंबर पर मैसेज से सूचना भेजी गई थी। इसके साथ ही कॉलेज में फॉर्म पुन: जमा हो गए थे। ऐसे में कॉलेज से अधूरे दस्तावेज की जानकारी नोटिस बोर्ड पर चस्पा हुई थी।