विद्यार्थी लिखेंगे नामांकन के लिए अभिभावकों को आमंत्रण पत्र

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बाड़मेर। मई से अगस्त माह तक सघन नामांकन अभियान के तहत शहरी क्षेत्र एवं समस्त ग्राम पंचायतों में 6 से 14 आयु वर्ग के सभी बालक-बालिकाओं का चिह्नीकरण कर उनका नामांकन करवाया जाएगा। इस बार नवीन प्रवेश के लिए योग्य बालक-बालिकाओं के अभिभावकों को विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों की ओर से हस्तनिर्मित “विद्यालय नामांकन आमंत्रण पत्र” भिजवाकर विद्यालय में नामांकन के लिए प्रेरित किया जाएगा। निर्देशों के मुताबिक शहरी क्षेत्रों में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी एवं नोडल संस्था प्रधानों के माध्यम से तथा ग्राम पंचायतों में पंचायत शिक्षा प्रसार अधिकारियों पीईईओ के माध्यम से घर-घर जाकर बालक-बालिकाओं का सर्वे किया जाएगा। इस दौरान चिह्नित 6 से 14 आयु वर्ग के अनामांकित बालक-बालिकाओं को विशेष रूप से विद्यालयों से जोड़ने के निर्देश दिए गए है। इसके तहत 6 से 14 आयु वर्ग के शत-प्रतिशत नामांकन वाली ग्राम पंचायतों को ओडीएफ की तर्ज पर डीओएफ अर्थात ड्रापआउट फ्री घोषित किया जाएगा। इसके लिए जन प्रतिनिधियों की मदद से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाए जाने के निर्देश दिए गए है। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में संबंधित वार्ड पंचों अथवा पार्षदों को हाऊस होल्ड सर्वे से अवगत भी कराया जाएगा।

प्राथमिक विद्यालय हो गया मर्ज, 40 विद्यार्थियों का भविष्य अधरझूल में

बायतु। खरंटिया जूना ग्राम पंचायत की राजकीय प्राथमिक विद्यालय गोदारों का सरा को सरकार द्वारा मर्ज किया जाने के बाद 40 विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में है। वहीं अभिभावकों द्वारा स्वयं के स्तर पर निजी शिक्षक लगाकर विद्यार्थियों को अध्ययन करवाया जा रहा है। अभिभावक चेतनराम गोदारा ने बताया कि इस विद्यालय के नजदीक में कोई भी विद्यालय नहीं होने के कारण मासूमों को दूर भेजने में अभिभावक कतरा रहे है। लेकिन शिक्षा विभाग इसे लेकर गंभीर नहीं है। इस विद्यालय से 3 किलोमीटर की परिधि में दूसरा कोई विद्यालय नहीं है। छोटे बच्चों को दूर जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। 3 किलोमीटर दूर खरंटिया गांव में माध्यमिक विद्यालय है, लेकिन बीच रास्ते मे 2 सड़कें होने के कारण छोटे बच्चों के लिए सड़क पार करना खतरे से खाली नहीं है। इन सड़कों पर दिनभर आवागमन चालू ही रहता है। इस भय के कारण माता पिता मासूमों को दूर भेजने में कतराते है। वहीं इस विद्यालय के नजदीक कोई प्राथमिक या उच्च प्राथमिक विद्यालय नहीं होने पर अभिभावकों ने अपने स्तर पर निजी शिक्षक लगाकर अध्यापन को जारी रखा है। वर्तमान में करीबन 40 विद्यार्थी अध्ययन कर रहे है। अभिभावकों का कहना है कि संबंधित ब्लॉक प्रारंभिक अधिकारी व उच्च अधिकारियों को अवगत करवाने के बाद में भी किसी ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।