बालिका छात्रावास में वार्डन ने किया ऐसा कि सुनकर आपके भी पैरों तले जमीन खिसक जाएगी

सरकारी छात्रावासों में बालिकाओं की सुरक्षा में ही चूक हो रही है

भीण्डर। सरकारी छात्रावासों में बालिकाओं की सुरक्षा में ही चूक हो रही है। जिले के भीण्डर में स्थित राजकीय बालिका छात्रावास में नियमों को ताक में रखकर जिम्मेदार वार्डन (Wardens) नदारद है और छात्रावास व बालिकाओं की जिम्मेदारी एक रसोइए के भरोसे हैै। जानकारी के अनुसार नगर के गुलाब कॉलोनी में स्थित राजकीय जनजाति बालिका छात्रावास में 50 छात्राओं की सीट है। जिसमें करीब 50-60 किलोमीटर क्षेत्र से जनजाति की छात्राएं यहां पर रहती है। जिनकी सुरक्षा के लिए वार्डन की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।

आखिर कहां है वार्डन

पिछले 10-15 दिनों में छात्रावास पर तीन बार पहुंच करके जानकारी चाही तो हर बार रसाई में काम करने वाला युवक ही मिला। वहीं छात्रावास का चैनल गेट खोलकर बाहर आकर जवाब देता है। उसने तीनों बार यहीं बताया कि वार्डन मेडम लूणदा गई हुई है। वार्डन को लूणदा में स्थित बालिका छात्रावास की अतिरिक्त जिम्मेदारी दे रखी है।

जिम्मेदारी युवक को कैसे

वार्डन की भी नियुक्ति महिला वर्ग की होती है, इसके अलावा छात्रावास में कार्य के लिए महिला को रखा जाता है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुरुष सुरक्षा गार्ड रखते है, लेकिन उसका छात्रावास में प्रवेश वर्जित होता है। वह छात्रावास के मुख्य दरवाजे पर अपनी जिम्मेदारी निभा सकता है, लेकिन इसके उलटे भीण्डर छात्रावास में वार्डन नदारद रहती है और एक युवक के भरोसे पूरा छात्रावास संचालित किया जा रहा है।

इनका कहना

मुझे अभी भीण्डर के साथ लूणदा का अतिरिक्त चार्ज भी मिला हुआ है। इस वजह से कभी भीण्डर तो कभी लूणदा जाना पड़ता है। छात्रावास को लडक़े को चौकीदार पर उच्च अधिकारियों से अनुमति से रख रखा है।

-रीना, वार्डन, राजकीय जनजाति बालिका छात्रावास, भीण्डर